Thursday, May 14, 2026

राशनकार्ड पर कश्मकश

दुर्ग @सुबोध तिवारी

इन दिनों दुर्ग जिले के खाद्य विभाग पर राशन कार्ड बदलने और उससे मिलने वाले खाद्यान्न को लेकर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप हितग्राहियों द्वारा लगातार लगाया जा रहा है,, जिसे लेकर कलेक्टर स्तरीय बैठकों में जाँच किए जाने के दिशा निर्देश दिए गए,, जिसकी एक रिपोर्ट सामने आई है।

शिकायतों का कोई आधार नहीं,,

जिम्मेदारों का मानना है कि एपीएल राशनकार्ड से बीपीएल राशनकार्ड बनाने के संबंध में किसी भी प्रकार के घोटाले की ना तो कोई सच्चाई सामने आई और ना ही इसे लेकर आम जनता में आक्रोश दिखाई दिया,, जिनके द्वारा शिकायत की गई थी उनके आधार में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिले,,

संचालनालाय भेजी गई रिपोर्ट,,

इसकी एक रिपोर्ट विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में सूचना क्रमांक 115 में अतिरिक्त जानकारी के लिए ध्यानाकर्षण के तहत खादय नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, ब्लाक 2, तृतीय तल, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर (छ०ग०) को अवलोकन के लिए भेजा भी गया है।

विधि अनुरूप किया जा रहा राशन कर्डों नवीनीकरण,,

जिले में वर्ष 2020-21 से अब तक एपीएल राशनकार्ड को निरस्त कर बीपीएल राशनकार्ड में बदलने हेतु स्थानीय निकाय के माध्यम से 26 हज़ार 163 आवेदन जिला खादय कार्यालय को मिले। दुर्ग जिले में स्थानीय निकायों कि अनुशंसा पर तय अवधि में 2 हज़ार 345 अंत्योदय, 23 हजार 575 प्राथमिकता, 39 निःशक्तजन और 53 निराश्रित श्रेणी के इस तरह कुल 26 हजार 012 राशनकार्ड एपीएल से बीपीएल में बदल कर जारी किये गये हैं। बचे 151 आवेदन पत्रों का पात्रता परीक्षण स्थानीय निकायों के माध्यम से किया जा रहा है। जिले में राशनकार्ड बनाने का कार्य छत्तीसगढ़ राशनकार्ड नियम 2016 के प्रावधानों के अनुरूप स्थानीय निकाय/नगरीय निकायों द्वारा पात्रता का परीक्षण कर सत्यापन उपरांत राशनकार्ड जारी किये जा रहे है। जिला खादय कार्यालय में स्थानीय निकायों से प्राप्त अनुशंसित आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए पीडीएफ प्रिन्ट कर राशनकार्ड जारी करने तथा आवेदन पत्र मूलतः संधारण हेतु संबंधित स्थानीय निकायों को प्रेषित कर दिया जाता है, जहां पर आवेदन पत्र सुरक्षित रखा जाता है।

जिम्मेदारों की मानें तो शिकायतें निराधार,,

हजारों कार्डों का निरस्तिकरण और संशोधन अकारण नहीं किया जाता एपीएल राशनकार्ड को निरस्त कर बीपीएल राशनकार्ड बनाये जाने का स्पष्ट कारण विभाग, जोन, जनपद, स्थानीय निकाय, खाद्य विभाग के पास नहीं है।

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