
सुबोध तिवारी
भिलाई नगर,, छत्तीसगढ़ पाटन के सपूत मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ राष्ट्र रक्षा में असाधारण योगदान पर केंद्र सरकार का बड़ा सम्मान मिला है यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। पाटन के सपूत और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को भारत सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरणों में से एक, अति विशिष्ट सेवा पदक (Ati Vishisht Seva Medal) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
पहले भी हो चुके हैं सम्मानित,,
यह भारत सरकार द्वारा मेजर जनरल शर्मा को दिया गया चौथा विशिष्ट सैन्य सम्मान है। इससे पूर्व वे दो बार सेना मेडल (Sena Medal) तथा एक बार विशिष्ट सेवा पदक (Vishisht Seva Medal) प्राप्त कर चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि संपूर्ण दुर्ग–भिलाई अंचल और छत्तीसगढ़ स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। वर्तमान में मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं प्रबंध निदेशक (Managing Director) हैं। यह भारत और रूस के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त उपक्रम है, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी में भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण कर रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत भारतीय सेना के लिए लगभग 6 लाख राइफलों का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत करीब 5,300 करोड़ रुपये है।
आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते कदम,,
यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।पिछले ढाई वर्षों से इस महत्त्वाकांक्षी रक्षा परियोजना का नेतृत्व करते हुए मेजर जनरल शर्मा ने स्वदेशी हथियार निर्माण, तकनीकी हस्तांतरण और समयबद्ध उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ सुनिश्चित की हैं। उनके नेतृत्व में अमेठी स्थित संयंत्र आज देश के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन केंद्रों में शामिल हो चुका है।इससे पहले मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा सेना मुख्यालय, नई दिल्ली में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG), कैपेबिलिटी डेवलपमेंट के रूप में कार्यरत रहे, जहाँ उन्होंने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, भविष्य की युद्ध तैयारियों और दीर्घकालिक क्षमता विकास की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा वे राम डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) भी रह चुके हैं।
अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर और पीएम सुरक्षा में भी रहे तैनात,,
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उनका अनुभव अत्यंत प्रभावशाली रहा है। वे फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारत के रक्षा अताशे के रूप में तैनात रहे, जहाँ उन्होंने भारत-फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड्स और लक्ज़मबर्ग के साथ रक्षा सहयोग एवं कूटनीति को नई दिशा दी। इसी कार्यकाल के दौरान फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार आधिकारिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा, समन्वय और रक्षा मामलों की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।
ग्रामीण युवाओं के बने प्रेरणा स्त्रोत,,
वर्ष 1989 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा मूल रूप से दुर्ग जिले के पाटन के निवासी हैं। वे अश्वनी कुमार मिश्रा एवं श्रीमती चंपा मिश्रा के सुपुत्र हैं, जो वर्तमान में दुर्ग में निवासरत हैं। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर सैन्य जीवन की ऊँचाइयों तक का उनका सफर आज पाटन और दुर्ग के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। मेजर जनरल शर्मा की इस उपलब्धि पर पाटन एवं दुर्ग क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने इसे छत्तीसगढ़ की धरती के लिए गौरव का क्षण बताया है। उनका यह सम्मान यह सिद्ध करता है कि छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया जा सकता है।
Cgdurg @subodhtiwari9827404862



























































