Thursday, May 14, 2026

दुर्ग : SDRF की टीम ने मॉक ड्रिल कर रेस्क्यू मिशन का किया प्रदर्शन, खाली डब्बों, बोतल, गुंडी नुमा बर्तन और घर में पाई जाने वाली रस्सी का उपयोग कर किया जा सकता है रेस्क्यू

दुर्ग : किसी भी प्राकृतिक या अप्राकृतिक आपदा के समय तत्काल राहत व बचाव कार्य को त्वरित व प्रभावी रूप से संपादित करने वाली एसडीआरएफ की टीम ने आज पुलगांव चौक के आगे शिवनाथ नदी पर मॉकड्रिल कर रेस्क्यू किए जाने का सफल प्रदर्शन किया। मॉकड्रिल का तानाबाना काल्पनिक रचना के साथ शुरू किया गया जिसमें एक व्यक्ति खड़ा था जिसे अचानक पानी के बीचों बीच किसी हलचल का आभास हुआ। जब उसने ध्यान से देखा तो पाया कि पानी में कोई व्यक्ति डूब रहा है। उसने बिना किसी देरी के अपने मोबाईल से एसडीआरएफ की टीम से संपर्क साधा और उसने घटनाक्रम की सूचना दी।

एसडीआरएफ की टीम तुरंत घटना स्थल पर अपने युनिट और रेस्क्यू किये जाने वाले उपकरणों के साथ पहुंची। उनके साथ प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल टीम भी थी। एसडीआरएफ की टीम बिना समय गवाएं बोट में बैठकर पानी के बीच में फंसे व्यक्ति की पास पहुंची और उसे किनारे लाकर स्ट्रेचर के माध्यम से प्राथमिक उपचार के लिए लगे कैम्प पर ले गई। कैम्प में उपस्थित डॉक्टरों द्वारा व्यक्ति को इनक्यूबेट कर लाइफ सेविंग ड्रग देकर तुरंत पास खड़ी एंबुलेंस के माध्यम से महमरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया जहां व्यक्ति का सफल इलाज कर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

मॉकड्रिल की प्रक्रिया को पूरा करने वाले जिला सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह के अनुसार घरेलू या वेस्ट सामाग्रियों जैसे खाली डिब्बों (जैरी कैन), बोतल, गुंडी नुमा बर्तन, और घर में पाई जाने वाली रस्सी व अन्य उपयोगी सामानों का उपयोग कर भी रेस्क्यू किया जा सकता है ।

इसके साथ ही उन्होंने रेस्क्यू मिशन में उपयोग में आने वाले आधुनिक यंत्र जैसे स्कूबा डाइविंग शेड, विक्टिम लोकेशन कैमरा, अंडर वाटर कैमरा, लाइव डिटेक्टर सेंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।इस मौके पर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के साथ लगभग पूरा कलेक्ट्रेट स्टाफ भी मौजूद रहा ।

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